सोलर की जानकारी
सोलर समझें। सही योजना बनाएं। बेहतर देखभाल करें।
Solarower भारतीय घरों और छोटे व्यवसायों के लिए रूफटॉप सोलर की जानकारी और योजना बनाने के उपकरण देता है। यहां पहले विषय समझें, फिर अपनी ज़रूरत के अनुसार आगे का पेज चुनें।
सोलर का निर्णय तीन बातों से शुरू होता है
पिछले बारह महीनों के बिजली बिल में यूनिट यानी kWh देखें। दिन में चलने वाले उपकरण अलग लिखें। छत की छाया, मजबूती और सुरक्षित पहुंच का आकलन योग्य इंस्टॉलर से कराएं। केवल पैनलों की संख्या से अंतिम बिजली बिल का पता नहीं चलता।
उपकरण और पूरा खर्च समझें
पैनल DC बिजली बनाते हैं। इन्वर्टर उसे घर में उपयोग होने वाली AC बिजली में बदलता है। बैटरी और बिजली कटने पर बैकअप के लिए अनुकूल सिस्टम डिज़ाइन ज़रूरी है। सामान्य ऑन-ग्रिड सिस्टम को बैकअप सिस्टम न मानें।
लिखित कोटेशन में पैनल और इन्वर्टर के मॉडल, स्ट्रक्चर, केबल, सुरक्षा उपकरण, इंस्टॉलेशन, टैक्स, मीटरिंग सहायता और बाहर रखे गए काम जांचें। पैनल की कीमत और पूरे सिस्टम की कीमत अलग हैं।
इंस्टॉलेशन के बाद की तैयारी
उत्पादन का रिकॉर्ड, बिल, सीरियल नंबर, मैनुअल, वारंटी और सर्विस संपर्क संभालें। अंतिम भुगतान से पहले जिम्मेदारियां तय करें। कैलकुलेटर केवल शुरुआती अनुमान देते हैं; छत का सर्वे, सब्सिडी की मंज़ूरी या बचत की गारंटी नहीं। Solarower पर अभी उत्पाद बिक्री, भुगतान, इंस्टॉलेशन बुकिंग और सार्वजनिक सदस्यता चालू नहीं हैं।
